0:18
प्रेम प्रणाम प्रभु जी प्रेम प्रणाम आप कैसे हो?
0:28
हम अच्छे हैं।
0:31
मैं आपका सक्शन कभी-कभी सुनती हूं। बहुत अच्छा लगता है आपका सेक्शन। हम आपका क्या नाम है?
0:40
वृंदा वृंदा हां इतना सुंदर नाम है। वृंदा
0:49
और वृंदा आपकी एज क्या है? ए 8 इयर्स
0:56
हां तो आपको मेरा सत्संग कैसे अच्छा लगता है?
1:02
ये तो बड़े-बड़े लोग बैठे हैं। लोग बोर होते रहते हैं। मैं अपनी मम्मी के साथ सुनती हूं।
1:10
हम हम कभी मेरी मम्मी मैं स्कूल से आती हूं। फिर मेरी मम्मी सुन रही होती है। मैं भी सुन लेती हूं।
1:21
हम हम तो उसमें अच्छा क्या लगता है आपको?
1:28
मैं हूं मैं। ओके।
1:39
मैं आपके पास कब आऊं?
1:43
ऑलवेज मोस्ट वेलकम है। आप जब आना चाहे आ सकते हैं। कोई नियम कायदे नहीं है आपके
1:49
लिए। मम्मा पापा जिसके साथ भी आप आना चाहे आ सकते हैं। ठीक है। है ना?
1:58
तो सुनो तो सुनो तो वृंदा हां बोलो।
2:04
वो मैं हूं। यह है क्या? मैं हूं। मैं अपनी आत्मा में ही जीती हूं।
2:13
ओ तो ऐसा आपको फील होता है कि ये केवल मेंटली है।
2:23
लाइक के बहुत फील करती हूं। बहुत सुंदर। एनी डाउट?
2:33
नो।
2:36
कोई डाउट लगता है इसमें? खुद में मैं नहीं कुछ डाउट तो नहीं है
2:43
हम कोई कंफ्यूजन भगवान मैं में एकिस्टेंस में
2:52
नहीं कोई कंफ्यूजन नहीं वाओ
3:00
प्रणाम है आपको अपना ख्याल रखो बेटा आनंद में रहो। बस मस्त रहो। है ना?
3:12
हां। अच्छा। बाय गुरुजी।
3:22
बाय।
3:32
मतलब आठ साल की वृंदा जिस लैंग्वेज में टॉक कर रही है समझ रहे हो?
3:40
हां वो आपकी गुड़िया है क्या?
3:48
प्रणाम गुरु जी हां प्रणाम। हां जी मेरी बेटी है जी।
3:56
आपका चेहरा नहीं दिख रहा है मेरे को। हां जी। हां जी।
4:02
मैं सक्सेस सुनती हूं ना ये साथ में सुनती है। हम बस हमेशा ये बोलती मैं हूं मैं हूं बोलती रहती है।
4:15
बाकी ये तो पता नहीं उसको समझ में क्या आता है क्या नहीं मुझे नहीं पता इसके बारे में। नहीं अब वो समझने समझने की बात नहीं है।
4:24
उसके अंदर वह बात चली गई है और
4:29
वो अपना काम कर रही है। वो मैं हूं वाली जो बात है बहुत सुंदर है।
4:39
बस प्रभु जी सुबह से शाम कभी कहती रहती है। कुछ भी कम हो तो मैं तो हूं। बस मुझे नहीं है। बस हमेशा यही कहती है कि मैं हूं। पर ज्यादा टाइम नहीं बैठती सत्संग
4:48
में थोड़ा देर बैठती है 101 मिनट फिर चली जाती है हम हम ज्यादा समय नहीं सुनती मतलब 101 मिनट
4:56
सुनेगी फिर खेलने लग जाएगी हां अच्छा है वो बहुत अच्छा है
5:07
बस आपकी कृपा है प्रभु जी इसके ऊपर अपनी कृपा बनाए रखना हमेशा
5:15
हमेशा रहेगी जी इसका बहुत मन करता है आने का कि मैं आपके पास जाऊं पर हमें थोड़ा सा कंफ्यूजन है ना
5:24
रास्ते का नहीं पता ज्यादा अब वो सब रास्ता ये वो फोन करके आप पूछ
5:31
सकते हैं सब आसान है आज की डेट में है ना हां जी गुरुजी
5:39
प्रेम प्रणाम गुरु जी प्रेम प्रणाम प्रेम प्रेम प्रणाम गुरुदेव जी
5:47
प्रेम प्रणाम बेटा आप कैसे हो?
5:55
हां हम मस्त हैं। आप कैसे हो? क्या नाम है आपका? मेरा नाम श्रियाशी है।
6:04
श्रियाशी यस। हां। हां।
6:10
मुझे एक ही कंफ्यूजन होती है। मैं मैं हूं तो ठीक है। सब टाइम मैं ये बोल बोल तो
6:17
सकती हूं मेरे माइंड में बट कुछ आंसर तो नहीं आता है।
6:23
हम हम तो कंफ्यूजन दूर हो जाएगा। है ना? हां।
6:31
क्योंकि मैं हूं कोई ना क्वेश्चन है ना आंसर है।
6:36
मैं हूं। मैं हूं है बस जो आप हो बस
6:43
उसको किसी आंसर की जरूरत नहीं यह कोई क्वेश्चन नहीं है जिसको सॉल्व करना
6:52
है यह आप हो है ना
7:01
तो अपना ख्याल रखो श्रीशी ठीक है।
7:08
और मस्त रहो। हंसते खेलते रहो। ओके। ओके।
7:25
थैंक यू। मेरी मां है। मेरी मां ने ख्याल रखा। ऐसे उल्टी पुलटी बात है। नहीं बाबा।
7:40
पानी पिलाओ यार।
8:02
तो मैं हूं के जो बीज पड़े हैं ना अब अभी आप लोग को पता नहीं है।
8:09
कितना घना जंगल होने वाला है इसको। पूरी पृथ्वी समा जाएगी।
8:18
अपना इंकार कौन करेगा? मूर्ख भी नहीं कर सकता। कब तक कोई खुद को धोखा दे सकता है।
8:28
है ना?
8:37
यस। एनीबडी आज बताओ अच्छा लग रहा है सबसे बात करके?
9:08
चश्मा
9:33
हम
9:52
हां बताओ और बात करो मेरे से जो पुराने हो वो नहीं
10:01
करना जो कर चुके हो नए लोग
10:19
थोड़ा ओपन हो मेरे साथ ऐसा अंदर ही अंदर
10:28
मत रहो थोड़ा ओपन हो प्रभु जी प्रेम प्रणाम
10:37
प्रेम प्रणाम क्या नाम है आपका जी लवी नाम है ल
10:43
जी लवी लवि हां लवी जी
10:50
एक छोटी सी चीज थोड़ा सा कंफ्यूजन ऐसे है कि अभी हर चीज में ना किसी भी चीज में
10:57
एक्साइटमेंट एकदम खत्म हो गया है तो ये सही बात है कि गलत बात है थोड़ा सा
11:05
ये कंक्लूजन है मतलब कैसे एक्साइटमेंट खत्म हो गया है?
11:11
एक्साइटमेंट चीजों से खत्म हो गया है।
11:16
एक सत्संग सुनने से पहले जैसे थोड़ा चलो थोड़ा तैयारी के घूम लेना हो गया। आप मूवीज का भी एग्जांपल देते हो कि वो भी
11:24
थोड़ी देर का ही वो होता है। या कहीं घूमना फिरना तो थोड़ा एकदम अकेले बहुत अकेला हो जाता है इसलिए।
11:32
लाइव कैसा महसूस होता है?
11:37
हां तो अच्छा है ना मतलब हमेशा जो संग साथ है वो सॉलिड रखना
11:46
दोस्ती यारी फ्रेंड सर्कल जो संग है वो डिवाइन का ही होना चाहिए और वैसे लोग
11:56
वैसे मित्र आपको नहीं मिल रहे हैं तो अकेले रहो ज्यादा अच्छा है।
12:05
बहुत असर होता है संसार का।
12:10
जी प्रभु दो-तीन दिन पहले प्रभु जी आपसे पूछा था
12:16
मैंने कि अब करना क्या है? तो आपने बताया था कि कुछ नहीं अब तो चाय पियो, सो आराम से खानावाना खाओ।
12:36
अहंकार रहित होकर सब कुछ करना भी कुछ नहीं करना है।
12:45
जी है ना?
12:47
अहंकार रहित होकर मेरी बात को याद रखना हर कोई
12:55
अहंकार रहित होकर सब कुछ करना भी कुछ नहीं करना है।
13:12
क्योंकि कर्म प्रधान विश्व रच राखा है ना?
13:19
तो कर्म भी सुंदर है।
13:31
बाकी ठीक है। सुंदर है। अकेले रहो ज्यादा अच्छा है। जब वैसे फ्रेंड्स मिले, वैसे
13:38
लोग मिले तो उनका संग साथ करो जो आपकी कैटेगरी के हो।
13:44
यह बहुत जरूरी है। नहीं तो संग दोष लगता ही है।
13:49
शुरू में तो लगता ही है। बाद में भी लगता ही है।
13:56
जी सर प्रणाम।
13:59
जब तक दूसरा है, दूसरेपन का भाव है तब तक संग दोष लगेगा ही।
14:09
अदरनेस जब तक है और अंतर्यामी बताता है अभी आपके जीवन में अदरनेस है तो संभल के चलो
14:19
बेकार लोगों से दूर रहो नेगेटिव और जितना हो सके बेस्ट लोगों के साथ ही रहो और नहीं
14:28
मिलते तो अकेले रहो है ना ओके जी प्रणाम रवि प्रणाम प्रभु
14:38
प्रणाम
14:57
बहुत अच्छी बनी है चाय हम
15:06
जैन की है बिल्कुल
15:45
यस प्रेम प्रणाम प्रणाम
15:55
प्रेम प्रणाम जी मेरे को रिपोर्ट देनी थी के जब से मैं ये
16:02
सुन के और अपने एंबॉडी कर रही हूं एक पावर आई आइए अंदर वो तो चेहरे से लग रही है।
16:14
और पावर जो है वो इतनी कितनी अमेजिंग है कि ना बोल सकती हूं मैं अब काफी चीजों को जो
16:22
पहले नहीं बोल सकती थी और बड़े रोब से बोलती हूं ना मेरे को इतना अच्छा लगता है
16:32
ऐसी लिबरेशन हो गई है कि मैं हूं और मैं ऐसी हूं और यहां मैं ऐसी हूं अंदर तो मैं
16:41
हूं लेकिन बाहर भी कैसी हूं उसमें भी एक पावर आई है जो पहले नहीं थी मतलब बहुत कुछ ऐसा
16:49
लगता था कि ये सब होंगी मैं ऐसा वैसा बहुत कंफ्यूजन थी अब वो सब ऐसे जैसे जाला साफ
16:58
हो जाता है ना साफ हो जाता है साफ हो गया जाला तो तो आपका हरि ध्यान वगैरह चल रहा है
17:07
जी वो मैं करती हूं वो रेगुलर है वो रेगुलर हां वो बेस्ट है। वो सब काम कर देता है।
17:15
अकेला काफी है वो।
17:16
जी तो मेरे को ये बताना था कि आपने कमाल कर दिया मेरे साथ।
17:29
अरे ये हरि ध्यान सुनो ना आप। ये हरि ध्यान मैं इतनी बार बोला हूं सबको करने को
17:37
तो सब अपना दिमाग लड़ा देते हैं। अब ये भी अच्छा नहीं लगता। आप जो बोलते हो वही ठीक है। अरे वो ठीक है।
17:43
बट एक घंटा निकाल के एक ही मेडिटेशन तो बताया हूं अपनी जिंदगी में यार। उसको तो सबको करना चाहिए।
17:52
जी हां वो हर कोई करे इसको वो पूरा खिल जाएगा वो। देखो इनको कैसे खिली हुई है।
18:02
जी ऐसा हो गया है।
18:09
सच्ची बहुत ही बहुत ही है।
18:12
इतने साल ढूंढने के बाद के बाद यात्रा आपने बिल्कुल जिसे कहते हैं ना शांत कर दिया है।
18:23
हम बहुत बहुत शांति मिल रही है। बहुत अच्छा लग रहा है। अच्छा लग रहा है। बहुत अच्छा लगा।
18:30
बहुत सुंदर है और ऐसे ही मस्त रहो। जी जीने का मजा आ रहा है। मजा आ रहा है।
18:40
जैसा भी है अच्छा लग रहा है। प्रेम प्रणाम। प्रेम प्रणाम। जी।
18:54
हरि ध्यान अनिवार्य है। हर कोई करो।
19:00
यहां पे एक हरि ध्यान हुआ था ना विराज अभी ग्रुप में डाल देना वो सबको।
19:06
ईमानदारी से करो ना। तीन छ महीने उसको उसको जिंदगी बना लो। एक चीज करना ही है।
19:13
फिर मेरा एक सत्संग सुन लो। दिन में दो चीज एक हरि ध्यान और एक मेरा सत्संग। बस
19:23
अरे मेरे टाइप बोलने लगोगे आप? हां थोड़ा करो तो
19:30
उसमें दिमाग मत लड़ाना कि ये डूइंग है और ये भी नहीं करना है। ऐसा वैसा खोपड़ी मत चलाना। बस उसको कर लो।
19:48
ईमानदारी से नहीं करते ना कितनी आप लोग को भी बोला हूं किए हो आप लोग कभी नहीं किए
19:54
हो उसकी भी जरूरत नहीं है सब करके डाला मार देते हो फिर
20:04
हर चीज जरूरत की होती है क्या गुरु आज्ञा है तो खोपड़ी मत चलाओ बस कर लो
20:16
रिजल्ट देखो दिख रहा है ना रिजल्ट वो प्रत्यक्ष है पूरी चेतना आप पूरे
20:23
ब्रह्मांड में अपनी चेतना महसूस कर सकते हो अद्भुत अलौकिक है
20:47
हां जी
21:00
जितने ध्यान हैं अभी पृथ्वी में पास्ट में
21:07
वो सबका निचोड़ करके मैं बना दिया हूं यह हरि ध्यान इसमें इसमें जीव भाव भी नहीं घेरेगा
21:13
और आप उड़ने लगोगे पूरा आकाशवत हो जाओगे और हो ही जाओगे इसमें कोई
21:23
दूसरा वो नहीं है
21:36
क्योंकि जीव भाव को काटने के लिए हरी का भाव लाना ही पड़ेगा
21:42
है ना कि अचुतो अहम गोविंदो अहम अहम हरि
21:50
मुक्तो अहम शुद्धो अहम बुद्धो अहम ये भाव में जीना है आपको तब जीव का भाव कटेगा
21:59
और मेन बाधा वही है जीव भाव हरि ध्यान से ईजीली कट जाता है और उसके लास्ट में फिर जो मैं हूं
22:08
और शांति शांति शांति वो तो फाइनल क्लोजिंग है
22:14
सामान्य पद की वो पूरा परफेक्ट है एकदम
22:33
यानी मैं तो इतना भी कहूंगा कि केवल एक वो ध्यान ही कर लोगे ना जिंदगी भर और करना क्या है? वो आपकी जिंदगी हो जाती
22:42
है तो वो तार देगा। बिल्कुल तार ही देगा। बता रहा हूं।
22:52
थोड़ा ईमानदारी से करो। है ना? अब मैं कई जगह कुछ ध्यान नहीं करना है। ये नहीं करना है। वो नहीं करना है। वो काटता हूं। मैं
23:00
अपने फ्लो में बोलता हूं। उस चीज को साइड रखो।
23:04
है ना? उसका भी आनंद लो सत्संग में। बट यह जो बोला गया उसको करो ऑनेस्टी से।
23:18
हां जी एनीबडी लिंक डालो।
23:24
अभी जो यहां पे हुआ था एक हरि ध्यान उसकी लिंक सबको डाल दो अभी ग्रुप में।
23:32
यही वाला करो और जो अभी लास्ट हुआ था यहां ना वो बहुत सुंदर हुआ था। हां प्रणाम जी कौन बोल रहे हैं?
23:40
सुकांत बोल रहा हूं ओसा से।
23:44
यस शिवकांत जी कैसे बात ही नहीं कर पा रहा हूं।
23:56
मैं वहां पे छ दिन रुका था। छ दिन वहां पे रुका था।
24:02
लेकिन क्या है मैं बात ही नहीं कर पाता पता नहीं हां चलेगा
24:12
पूछूंगा पूछो यार आज कम से कम आपकी वॉइस कट के आ रही है असल में शिवकांत
24:22
जी ड्रॉप हो जा रही है हां थोड़ा सा इसलिए अभी रास्ते में था अभी
24:32
क्या है ना एक जगह में खड़ा होके जस्ट बात कर रहा हूं हां जी और कैसे हो बाकी सब सुंदर
24:38
बढ़िया बहुत बढ़िया हां सुंदर सुंदर ही चल रहा है
24:45
और डेली तो कम से कम मैं दो घंटा से ऊपर बहुत बढ़िया दो घंटा से
24:56
तो कम से कम तो मैं आऊंगा सेकंड टाइम आऊंगा बोल के अब तक
25:03
आ नहीं पा रहा हूं थोड़ा सा कुछ हम
25:11
है जी मोस्ट वेलकम है
25:19
आज बहुत हो गया जब से बात कर लिया तो कम से कम सुकून मिल गया बहुत दिन कम से कम
25:28
स्टार्टिंग में
25:42
मेरे को तो हम मुझे तो
25:49
उस टाइम सबसे कमजोर था हां उस टाइम मैं भी कमजोर था सबसे कमजोर बोल
25:56
रहा था उस टाइम सबसे कमजोर अभी मैं ही था कुछ समझ में नहीं आ रहा था
26:05
और स्पिरिचुअल बोलने से आज तक मैंने तो कोई गुरु वगैरह इस टाइप का तो किसी को
26:12
मींस किया ही नहीं था। पहली बार आपसे मिला था।
26:21
आज ऐसे ही चलना है।
26:37
आनंद में रहें, मस्त रहें, मुस्कुराते रहें। बस
26:43
आपसे बात करके कोई आपसे बात करके कोई दुखी थोड़ी रह सकता है।
26:50
अपने आप सुख ही आ जाता है। मुस्कुराना अपने आप फेस में आ जाता है।
26:59
आज सब प्रेम है आप लोगों का आना
27:05
बस आनंद में रहो और हर हाल में
27:11
हो के बेपरवाह फिर परवाह करना जुर्म है मस्त
27:20
बेफिक्र
27:29
ओके जी वही लास्ट छ दिन
27:40
आज आपका इकट्ठा बोलने का मूड है।
27:50
प्रणाम जी प्रणाम
27:59
हम हम
29:20
मेरे को आज वृंदा से बात करके बहुत आनंद आया और एक बेबी और थी क्या तो नाम है उसका
29:30
प्रियाशी यस नाम ही इतने सुंदर हैं दोनों के।
29:42
बड़े-बड़े सुरमा मैं हूं।
29:45
में बोर हो जाते हैं। इनको जितना भी क्लिक हुआ है उतना बहुत है यार।
30:04
तो वाणी को विश्राम देते हैं या किसी को कुछ कहना है तो हम सुनेंगे।
30:12
आज तो हम सुनना चाहते हैं। आप सबको ऐसे अच्छा लग रहा है।
30:26
हम हम हां जी
30:36
प्रेम प्रणाम गुरु जी प्रणाम गुरु जी प्रेम प्रणाम जी कैसे हैं?
30:43
बढ़िया ठीक है। बढ़िया ठीक है।
30:45
हां जी
31:45
ठीक है। सबको प्रेम प्रणाम।
31:49
ओम